Book Of Osho || jiven ka har pal aanad kaise ho?

Spread the lovejiven ka har pal aanad kaise ho?  रोम के एक सम्राट ने अपने बड़े वजीर को फांसी की आज्ञा दे दी थी। उस दिन उसका जन्म—दिन था, वजीर का जन्म—दिन था। घर पर मित्र इकट्ठे हुए थे।   संगीतज्ञ आए थे, नर्तक थे, नर्तकियां थीं। भोज का आयोजन था, जन्म—दिन था उसका। कोई … Continue reading Book Of Osho || jiven ka har pal aanad kaise ho?