Osho Thoughts in Hindi

आचार्य  महावीर || पुण्य की रक्षा कैसे की जाऐ? ||

 पुण्य की रक्षा कैसे की जाऐ? आचार्य  महावीर के कथन बतलाते है महावीर कहते हैं, प्रक्रिया उलटी होनी चाहिए। पुण्य को भीतर छिपाकर रख लेना, पाप को बाहर प्रगट कर देना। पाप को तो बता देना, क्योंकि जो बता दो वह खो जाता है। पुण्य बताया, पुण्य खो जाएगा। पाप बताया, पाप खो जाएगा। जो […]

Life Changing thoughts

भय और प्रेम भय और प्रेम साथ-साथ हो कैसे सकते हैं? Osho is ke liye btate h इतना भय कि पति कहीं किसी स्त्री की आँख में न आँख डाल कर देख लें! तो फिर प्रेम घटा ही नहीं है। फिर तुम्हारी आँख में आँख डालकर पति ने नहीं देखा और न तुमने पति की […]

Meditation || chakra meditation ||10 minute meditation ||

Meditation || chakra meditation ||10 minute meditation || New Meditation process jis se Dhyan bhi lge ga aur kundalni bhi jagrit hogi Meditation DHYAN MEANS MEDITATION dhyaan ek abhyaas hai jahaan ek vyakti dhyaan aur jaagarookata ko prashikshit karane aur maanasik roop se spasht aur bhaavanaatmak roop se shaant aur sthir sthiti praapt karane ke […]

Question 63- निर्विचार कितनी देर तक रहा जाए, क्या चैबीस घंटे तक रहा जाए?

Question63- निर्विचार कितनी देर तक रहा जाए, क्या चैबीस घंटे तक रहा जाए? नहीं, चैबीस घंटे की बात नहीं है। अगर दस मिनिट भी परिपूर्ण निर्विचार में जा सकते हैं आप तो चैबीस घंटे धीरे-धीरे आप पाएंगे सब काम करते हुए–पड़े रहने की कोई जरूरत नहीं है–सब काम करते हुए। बात करते हुए, बोलते हुए, […]

Question- 36 भगवान मैं सन्यास लेना चाहता हू

Question 36 —–भगवान, मैं संन्यास तो लेना चाहता हूं पर संसार से बहुत भयभीत हूं। संन्यास लेने से मेरे चारों ओर जो बवंडर उठेगा उसे मैं झेल पाऊंगा या नहीं? आप आश्वस्त करें। संन्यास का अर्थ है, असुरक्षा में उतरना। संन्यास का अर्थ है, अज्ञात में चरण रखना। संन्यास का अर्थ है, जाने-माने को छोड़ना, […]

Swami Vivekanand || Ahankar ||

एक सम्राट प्रार्थना कर रहा था एक मंदिर में। वर्ष का पहला दिन था और सम्राट वर्ष के पहले दिन मंदिर में प्रार्थना करने आता था। वह प्रार्थना कर रहा था और परमात्मा से कह रहा था कि मैं क्या हूं! धूल हूं तेरे चरणों की। धूल से भी गया बीता हूं। पापी हूं। मेरे […]

मीरा बाई

बांस की बांसुरी बनती है। और किसी लकड़ी की नहीं बनती। क्यों? क्या बांस कोई आखिरी बात है लकड़ियों में? सुंदर लकड़ियां हैं, बहुमूल्य लकड़ियां हैं। बांस भी कोई बात है? बांस की कोई कीमत है?  लेकिन बांसुरी बनती बांस से है। देवदारु से नहीं, चीड़ से नहीं, टीक से नहीं, लेबनान के सीदारों से […]

ओशो प्रवचन पर America की तिलमिलाहट

ओशो का वह प्रवचन, जि‍सपर ति‍लमि‍ला उठी थी अमेरि‍की सरकार और दे दि‍या जहर ओशो का वह प्रवचन, जिससे सियासत तिलम उठी थी और अमेरिका की रोनाल्‍ड रीगन सरकार ने उन्‍हें हाथ-पैर में बेडि़यां डालकर गिरफ्तार किया और फिर मरने के लिए थेलियम नामक धीमा जहर दे दिया था।  इतना ही नहीं, वहां बसे रजनीशपुरम […]

Book of Swami vivekanand

Swami Vivekanand के कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें जीवन प्रबंधन के सूत्र छिपे हैं। इस सूत्रों को जीवन में उतार लिया जाए तो हम कई परेशानियों से बच सकते हैं।   Swami vivekanand के कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें जीवन प्रबंधन के सूत्र छिपे हैं। इस सूत्रों को जीवन में उतार लिया जाए तो हम […]

Book Of Osho || jiven ka har pal aanad kaise ho?

jiven ka har pal aanad kaise ho?  रोम के एक सम्राट ने अपने बड़े वजीर को फांसी की आज्ञा दे दी थी। उस दिन उसका जन्म—दिन था, वजीर का जन्म—दिन था। घर पर मित्र इकट्ठे हुए थे।   संगीतज्ञ आए थे, नर्तक थे, नर्तकियां थीं। भोज का आयोजन था, जन्म—दिन था उसका। कोई ग्यारह बजे […]

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