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    🔴प्रश्नः निर्विचार कितनी देर तक रहा जाए, क्या चैबीस घंटे तक रहा जाए? ओशो♣️

    🔴प्रश्नः निर्विचार कितनी देर तक रहा जाए, क्या चैबीस घंटे तक रहा जाए? नहीं, चैबीस घंटे की बात नहीं है। अगर दस मिनिट भी परिपूर्ण निर्विचार में जा सकते हैं आप तो चैबीस घंटे धीरे-धीरे आप पाएंगे सब काम करते हुए–पड़े रहने की कोई जरूरत नहीं है–सब काम करते हुए। बात करते हुए, बोलते हुए, भीतर एक शून्य स्थापित बना रहेगा। एक बारगी थोड़ा सा समय तोड़कर चैबीस घंटे में आधा घंटा पंद्रह मिनट। उस पंद्रह मिनट में प्राथमिक रूप से क्रियाएं छोड़ कर शून्य में जाना पड़ता है, पहले पहले, और जब एक दफा शून्य का अनुभव हो गया तब तो क्रियाओं के बीच भी शून्य में आ जा…

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    प्रश्न :- भगवान मे सन्यास लेना चाहता हू

    🔴प्रश्नः भगवान, मैं संन्यास तो लेना चाहता हूं पर संसार से बहुत भयभीत हूं। संन्यास लेने से मेरे चारों ओर जो बवंडर उठेगा उसे मैं झेल पाऊंगा या नहीं? आप आश्वस्त करें। संन्यास का अर्थ है, असुरक्षा में उतरना। संन्यास का अर्थ है, अज्ञात में चरण रखना। संन्यास का अर्थ है, जाने-माने को छोड़ना, अनजाने से प्रीति लगाना। आश्वस्त तो तुम्हें कैसे करूं? बवंडर तो उठेगा। मेरा आश्वासन झूठा होगा। मैं तो इतना ही कह सकता हूं कि बवंडर निश्चित उठेगा, उठना ही चाहिए। अगर न उठे तो संन्यास पकेगा कैसे? जैसे धूप न निकले और सूरज न आए तो फल पकेंगे कैसे? आंधी न उठे, तूफान न उठे तो…

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    अहंकार और निरंहकार Osho Katha

    सुना है मैंने, एक सम्राट प्रार्थना कर रहा था एक मंदिर में। वर्ष का पहला दिन था और सम्राट वर्ष के पहले दिन मंदिर में प्रार्थना करने आता था। वह प्रार्थना कर रहा था और परमात्मा से कह रहा था कि मैं क्या हूं! धूल हूं तेरे चरणों की। धूल से भी गया बीता हूं। पापी हूं। मेरे पापों का कोई अंत नहीं है। दुष्ट हूं क्रूर हूं कठोर हूं। मैं कुछ भी नहीं हूं। आई एम जस्ट ए नोबडी, ए नथिंग। बड़े भाव से कह रहा था। और तभी पास में बैठा एक फकीर भी परमात्मा से प्रार्थना कर रहा था और वह भी कह रहा था कि मैं…

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    एक अद्भुत जानकारी …..Osho

    #एक_अद्भुत_जानकारी —–””””–””””’———-””’ जीवन को कैसे जीयें ? माइकल जैक्सन 150 साल जीना चाहता था! किसी सेे साथ हाथ मिलाने से पहले दस्ताने पहनता था! लोगों के बीच में जाने से पहले मुंह पर मास्क लगाता था ! अपनी देखरेख करने के लिए उसने अपने घर पर 12 डॉक्टर्स नियुक्त किए हुए थे ! जो उसके सर के बाल से लेकर पांव के नाखून तक की जांच प्रतिदिन किया करते थे! उसका खाना लैबोरेट्री में चेक होने के बाद उसे खिलाया जाता था! स्वयं को व्यायाम करवाने के लिए उसने 15 लोगों को रखा हुआ था! माइकल जैकसन अश्वेत था, उसने 1987 में प्लास्टिक सर्जरी करवाकर अपनी त्वचा को गोरा बनवा…

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    How To Destroy Love Attractions. ….The Great Osho

    An emperor fell in love with a poor woman. Was the emperor! The woman was so poor that she could be bought, there was no problem. She called the woman and called her father and said: Take whatever you want, from the treasure, but this girl will give me it. I fell in love with it. Yesterday I used to ride on the horse, I saw it floating on the well, since then I could not sleep. The father was very pleased, but the daughter became very sad. He said, I’m sorry! You will say, I will come in your palace, but I have some love for you. I will…

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    When the lovers the harsh!! Osho

    When the lovers is harsh! ———————————————   So this is the toughest time of time life! And occasionally death seems to be easier than life. But whoever goes to the depth of this divine love and who has the power to drink this poisonous poison, he will fall in love with one’s own self and he who falls in love with himself will be in love with the entire existence. And then her whole existence will be loved Then the love and happiness in the person will decrease without cause. The dependence of the means for love and happiness will be lost. The person himself will become an independent source…

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    समाधि कमल ……ओशो कथा

    Abraham Lincoln president हुआ अमरीका का उसका बाप तो जूता सीता था, चमार था ! जब वह प्रेसिडेंट हुआ और पहले दिन वहां की सीनेट में बोलने को खड़ा हुआ, तो अनेक लोगों को उससे बड़ी पीड़ा हो गई कि एक चमार का लड़का और प्रेसिडेंट हो जाए मुल्क का! तब … किसी ने खड़े होकर व्यंग्य कर दिया और कहा कि महानुभाव लिंकन, ज्यादा गुरूर में मत फूलो! Yaad rakhna तुम्हारे पिता जूते सिया करते थे तो जरा इस बात का खयाल रखना, नहीं तो प्रेसिडेंट होने में भूल जाओ। इस बात से तो दुखी हो जाता, क्रोध से भर जाता शायद गुस्से आता और उस आदमी को कोई…

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    ओशो कथा

    एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन भ्रमण पर निकले तो उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राहमण को भीख मागते देखा…. अर्जुन को उस पर दया आ गयी और उन्होंने उस ब्राहमण को सोने की मुद्रा  से भरी एक पोटली दे दी। जिसे पाकर ब्राहमण प्रसन्नता पूर्वक अपने सुखद भविष्य के सुन्दर स्वप्न देखता हुआ घर लौट चला। किन्तु उसका दुर्भाग्य उसके साथ चल रहा था, राह में एक लुटेरे ने उससे वो पोटली छीन ली। ब्राहमण दुखी होकर फिर से भिक्षावृत्ति में लग गया।अगले दिन फिर अर्जुन की दृष्टि जब उस ब्राहमण पर पड़ी तो उन्होंने उससे इसका कारण पूछा। ब्राहमण ने सारा विवरण अर्जुन को बता दिया, ब्राहमण की…

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    जीते जी मरना

       ₩₩ जीते जी मरना ₩₩ **आचार्य रजनीश ** मरना 2 प्रकार का होता है। एक मरना वो है जिसमे आत्मा शरीर को खाली कर देती है, और उसके बाद शरीर को जलाकर राख किया जाता है इसे मौत या मरना कहते हैं, लेकिन यहां जी ते जी मरने का अर्थ है मृत्यु से पहले मरना या अपनी मर्जी से रोज – रोज मरना क्योंकि इसमे जिन्दा रहते हुए ही शरीर से आत्मा को खाली करना होता है। जब कोई गुरूमुख आंखो के केन्द्र पर पहुंचता है तो उसकी रूहानी प्रगति शुरू होती है। उसकी आत्मा नौ द्वारा से सिमट कर आंखों के पीछे आजाती है और शरीर शून्य यानी…

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    ओशो का प्रवचन

    ओशो का वह प्रवचन, जि‍सपर ति‍लमि‍ला उठी थी अमेरि‍की सरकार और दे दि‍या जहर 😞 ओशो का वह प्रवचन, जिससे ईसायत तिलमिला उठी थी और अमेरिका की रोनाल्‍ड रीगन सरकार ने उन्‍हें हाथ-पैर में बेडि़यां डालकर गिरफ्तार किया और फिर मरने के लिए थेलियम नामक धीमा जहर दे दिया था। इतना ही नहीं, वहां बसे रजनीशपुरम को तबाह कर दिया गया था और पूरी दुनिया को यह निर्देश भी दे दिया था कि न तो ओशो को कोई देश आश्रय देगा और न ही उनके विमान को ही लैंडिंग की इजाजत दी जाएगी। ओशो से प्रवचनों की वह श्रृंखला आज भी मार्केट से गायब हैं। पढिए वह चौंकाने वाला सच…