ओशो कथाएँ- 21

ओशो कथाएँ  21 संसार की पूरी दौड़ के बाद आदमी के चेहरे को देखो, सिवाय थकान के तुम वहां कुछ भी न पाओगे। मरने के पहले ही लोग मर गए होते हैं। बिलकुल थक गए होते हैं। विश्राम की तलाश होती है कि किसी तरह विश्राम कर लें। क्यों इतने Continue Reading

ओशो कथाएँ-20

ओशो कथाएँ-  20 कहा जाता है कि अभिनेता-निर्देशक गुरुदत ने आत्महत्या की थी, और इस बात को मानने वाले इस बात को स्वीकार नहीं करते कि शराब और नींद की गोलियों के मिश्रण से यह एक दुर्घटना मात्र भी हो सकती थी पर तब भी यह प्रश्न उठना तो वाजिब Continue Reading

ओशो कथाएँ–19

झ ओशो कथाएँ -18 मैंने सुना है, ईजिप्त में एक बहुत पुराना मंदिर था। हजारों वर्ष पुराना मंदिर था। लेकिन उस मंदिर के देवता का कभी किसी ने कोई दर्शन नहीं किया था। उस देवता के ऊपर पर्दा पड़ा हुआ था। और पुजारी भी उसे नहीं छू सकते थे। सौ Continue Reading

ओशो कथाएँ–18

एक सम्राट के बडे वजीर की मृत्यु हो गई थी। उसके समक्ष राज्य के सर्वाधिक बुद्धिमान व्यक्ति को चुन कर वजीर बनाने का जटिल सवाल था। फिर अनेक प्रकार की परीक्षाओं के द्वारा अंततः तीन व्यक्ति चुने गए। अब उन तीन में से भी एक को चुना जाना था। उसकी Continue Reading

ओशो कथाएँ–17

❤ अंग्रेजी का बड़ा कवि हुआ। कहते हैं, उसने सैकड़ों स्त्रियों को प्रेम किया। वह जल्दी चुक जाता था, दो—चार दिन में ही एक स्त्री से चुक जाता था। सुंदर था, प्रतिष्ठित था, महाकवि था। व्यक्तित्व में उसके चुंबक था, तो स्त्रियां खिंच जाती थीं—जानते हुए कि दो—चार दिन बाद Continue Reading

ओशो कथाएँ-16

बंगाल में एक बहुत बड़ा वैयाकरण हुआ। कभी मंदिर नहीं गया। उसके पिता बूढ़े होने लगे थे, नब्बे साल की उम्र हो गयी पिता की। बेटा भी अब कोई सत्तर पार कर रहा है। आखिर पिता ने कहा कि तू कब जाएगा मंदिर, कब राम को पुकारेगा? तो बेटे ने Continue Reading

ओशो कथाएँ-15

बंगाल में एक बहुत बड़ा वैयाकरण हुआ। कभी मंदिर नहीं गया। उसके पिता बूढ़े होने लगे थे, नब्बे साल की उम्र हो गयी पिता की। बेटा भी अब कोई सत्तर पार कर रहा है। आखिर पिता ने कहा कि तू कब जाएगा मंदिर, कब राम को पुकारेगा? तो बेटे ने Continue Reading

ओशो कथाएँ—14

  खलील जिब्रान की एक बड़ी प्रसिद्ध कहानी है। एक लोमडी सुबह—सुबह उठी। भोजन की तलाश पर निकली। सूरज उगता था उसके पीछे। बड़ी लंबी छाया लोमड़ी की बनी। लोमड़ी ने अपनी छाया देखी और सोचा, आज तो एक हाथी मिले, तभी पेट भर पाएगा! इतनी लंबी छाया कि एक Continue Reading

ओशो कथाएँ—–13

ओशो कथाएँ—13 एक बहुत बड़ा संगीतज्ञ हुआ। उसकी अनोखी शर्त हुआ करती थीं। एक राजमहल में वह अपना संगीत सुनाने को गया। उसने कहा कि मैं एक ही शर्त पर अपनी वीणा बजाऊंगा कि सुननेवालों में से किसी का भी सिर न हिले। और अगर कोई सिर हिला तो मैं वीणा Continue Reading

ओशो कथाएँ–12

ओशो कथाएँ  –12 आज की कथा 🔴*जीवन वही है जो आप हैं।* एक छोटे से गांव के बाहर एक सुबह ही सुबह एक बैलगाड़ी आकर रुकी थी। और उस बैलगाड़ी में बैठे हुए आदमी ने उस गांव के द्वार पर बैठे हुए एक बूढ़े से पूछा, इस गांव के लोग Continue Reading