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Question 63- निर्विचार कितनी देर तक रहा जाए, क्या चैबीस घंटे तक रहा जाए?

Question63- निर्विचार कितनी देर तक रहा जाए, क्या चैबीस घंटे तक रहा जाए? नहीं, चैबीस घंटे की बात नहीं है। अगर दस मिनिट भी परिपूर्ण निर्विचार में जा सकते हैं आप तो चैबीस घंटे धीरे-धीरे आप पाएंगे सब काम करते हुए–पड़े रहने की कोई जरूरत नहीं है–सब काम करते हुए। बात करते हुए, बोलते हुए, […]

Question- 36 भगवान मैं सन्यास लेना चाहता हू

Question 36 —–भगवान, मैं संन्यास तो लेना चाहता हूं पर संसार से बहुत भयभीत हूं। संन्यास लेने से मेरे चारों ओर जो बवंडर उठेगा उसे मैं झेल पाऊंगा या नहीं? आप आश्वस्त करें। संन्यास का अर्थ है, असुरक्षा में उतरना। संन्यास का अर्थ है, अज्ञात में चरण रखना। संन्यास का अर्थ है, जाने-माने को छोड़ना, […]

How To Destroy Love Attraction?

Osho explains this with a very beautiful story… An emperor fell in love with a poor woman. Was the emperor! The woman was so poor that she could be bought, there was no problem. She called the woman and called her father and said: Take whatever you want, from the treasure, but this girl will […]

सेक्स और युवक Sambhog se smadhi tak

सेक्स और युवक Duniya ka Yuvaa के मन मे हर वक्त सेक्‍स घूमता रहता है । कि इन्सान सेक्स को हर वक्त सोचने हर समय सेक्स विचारों मे घूमने के कारण उसकी सारी शक्‍ति इसी में लीन और नष्‍ट हो जाती है। जब तक लोगों की सेक्‍स के इस रोग से मुक्‍ति नहीं होती, तब […]

मीरा बाई

बांस की बांसुरी बनती है। और किसी लकड़ी की नहीं बनती। क्यों? क्या बांस कोई आखिरी बात है लकड़ियों में? सुंदर लकड़ियां हैं, बहुमूल्य लकड़ियां हैं। बांस भी कोई बात है? बांस की कोई कीमत है?  लेकिन बांसुरी बनती बांस से है। देवदारु से नहीं, चीड़ से नहीं, टीक से नहीं, लेबनान के सीदारों से […]

ओशो प्रवचन पर America की तिलमिलाहट

ओशो का वह प्रवचन, जि‍सपर ति‍लमि‍ला उठी थी अमेरि‍की सरकार और दे दि‍या जहर ओशो का वह प्रवचन, जिससे सियासत तिलम उठी थी और अमेरिका की रोनाल्‍ड रीगन सरकार ने उन्‍हें हाथ-पैर में बेडि़यां डालकर गिरफ्तार किया और फिर मरने के लिए थेलियम नामक धीमा जहर दे दिया था।  इतना ही नहीं, वहां बसे रजनीशपुरम […]

Book of Swami vivekanand

Swami Vivekanand के कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें जीवन प्रबंधन के सूत्र छिपे हैं। इस सूत्रों को जीवन में उतार लिया जाए तो हम कई परेशानियों से बच सकते हैं।   Swami vivekanand के कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें जीवन प्रबंधन के सूत्र छिपे हैं। इस सूत्रों को जीवन में उतार लिया जाए तो हम […]

Book Of Osho || jiven ka har pal aanad kaise ho?

jiven ka har pal aanad kaise ho? ||  रोम के एक सम्राट ने अपने बड़े वजीर को फांसी की आज्ञा दे दी थी। उस दिन उसका जन्म—दिन था, वजीर का जन्म—दिन था। घर पर मित्र इकट्ठे हुए थे।   संगीतज्ञ आए थे, नर्तक थे, नर्तकियां थीं। भोज का आयोजन था, जन्म—दिन था उसका। कोई ग्यारह […]

Motivational Self Worth

very inspiring quote … एक बार एक बकरी जिसे कसाई बस काटने ही जा रहा था वो बकरी जोर जोर से चिल्ला रही थी कि मुझे नहीं मारा जाए लेकिन कसाई सुनने को तैयार ही नहीं था इतने में बकरी ने देखा एक संन्यासी वहा से निकल रहा था हुए उसने संन्यासी से रोका प्रार्थना […]

क्या हर चीज़ के लिए परमात्मा जिम्मेवार है? Question Answer-30

Question-30 क्या हर चीज़ के लिए परमात्मा जिम्मेवार है? साधारण आदमी–जब उसके जीवन में दुख आता है, तब शिकायत करता है।| की हर चीज़ के लिए परमात्मा जिम्मेवार है सुख आता है तब धन्यवाद नहीं देता। .जब दुख आता है, तब वह कहता है कि ‘कहीं कुछ भूल हो रही है। परमात्मा नाराज है। भाग्य […]

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